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गरुड़ कमांडो कैसे बनें: 72 हफ्ते की कठिन ट्रेनिंग के बाद मिलती है यह वर्दी!

गरुड़ कमांडो: भारतीय वायु सेना की एलीट यूनिट

भारतीय वायु सेना (IAF) की सबसे खास यूनिट गरुड़ कमांडो फोर्स है। ये कमांडो एयरबेस की सुरक्षा और स्पेशल ऑपरेशन्स के लिए जाने जाते हैं। गरुड़ कमांडो देश की सेवा में हमेशा सबसे आगे रहते हैं। यह फोर्स बहुत ही खतरनाक मिशन को अंजाम देती है। हर युवा गरुड़ कमांडो बनना चाहता है। लेकिन यह रास्ता चुनौतियों से भरा होता है।


गरुड़ कमांडो बनने की योग्यता

गरुड़ कमांडो बनने के लिए कुछ जरूरी योग्यताएं चाहिए।

  • शिक्षा: उम्मीदवारों को 12वीं कक्षा किसी भी स्ट्रीम से पास करनी होगी। इसमें कम से कम 50% अंक होने चाहिए।
  • आयु सीमा: आमतौर पर उम्मीदवार की उम्र 17.5 से 21 साल के बीच होनी चाहिए।
  • शारीरिक मानक: आपकी लंबाई 152.5 सेंटीमीटर से कम नहीं होनी चाहिए। सीने का फुलाव कम से कम 5 सेंटीमीटर होना चाहिए।
  • वैवाहिक स्थिति: भर्ती के समय उम्मीदवार अविवाहित होना चाहिए।

चयन प्रक्रिया और प्रवेश परीक्षा

चयन एक कठोर प्रक्रिया से होता है।

  1. प्रारंभिक स्क्रीनिंग: उम्मीदवारों को सबसे पहले शारीरिक परीक्षा पास करनी होती है। इसमें दौड़ और अन्य फिटनेस टेस्ट शामिल हैं।
  2. लिखित परीक्षा: इसके बाद लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा अग्निवीर वायु (Agniveer Vayu) या AFCAT के माध्यम से होती है।
  3. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PFT): इसमें कठिन दौड़े और पुश-अप्स शामिल हैं। यह टेस्ट सबसे कठिन माना जाता है।
  4. मेडिकल जांच: चुने गए उम्मीदवारों की विस्तृत मेडिकल जांच होती है।

कठिन ट्रेनिंग: 72 हफ्तों का इम्तिहान

ट्रेनिंग 72 हफ्तों तक चलती है। यह भारतीय सेना की सबसे लंबी ट्रेनिंग में से एक है।

  • पहला चरण: शुरुआती ट्रेनिंग में शारीरिक क्षमता पर जोर दिया जाता है। इसमें हथियार चलाने और बेसिक युद्ध कौशल सिखाते हैं।
  • विशेषज्ञ ट्रेनिंग: इसमें जंगल युद्ध, स्काईडाइविंग और बचाव अभियान सिखाते हैं।
  • अंतिम चरण: इस चरण में कमांडो को विपरीत परिस्थितियों में रहने का प्रशिक्षण मिलता है। वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनते हैं।

केवल सबसे मजबूत उम्मीदवार ही यह ट्रेनिंग पूरी कर पाते हैं।


गरुड़ कमांडो की भूमिका और कार्य

  • एयरबेस सुरक्षा: ये दुश्मन के हमलों से एयरबेस की सुरक्षा करते हैं।
  • बचाव अभियान: ये प्राकृतिक आपदाओं में बचाव कार्य करते हैं।
  • आतंकवाद विरोधी: ये ऑपरेशन आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लेते हैं।
  • विशेष टोही मिशन: ये दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर जानकारी जुटाते हैं।

गरुड़ कमांडो बनना देश के लिए गर्व की बात है। अगर आप में साहस और जुनून है, तो यह करियर आपके लिए है।

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