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प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितता का आरोप सरपंच–सचिव पर आदिवासी हितग्राहियों से राशि हड़पने का आरोप..

राजपुर – विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बधिमा में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के हितग्राहियों ने ग्राम पंचायत बधिमा के सरपंच एवं सचिव पर आवास निर्माण के नाम पर पहली किस्त की राशि निकलवाकर निर्माण अधूरा छोड़ देने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पीड़ित हितग्राहियों ने कलेक्टर बलरामपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं में ग्राम भेरकी निवासी संत राम पिता भईरा, मिनसारी पति लक्ष्मण राम, सीता राम पिता सुखन तथा बसंत पिता भईरा शामिल हैं। सभी आवेदक विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा वर्ग से आते हैं। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इनके नाम आवास स्वीकृत हुआ था।

शिकायत पत्र की प्रति


आवास स्वीकृति के बाद सरपंच एवं सचिव द्वारा हितग्राहियों पर लगातार दबाव बनाया गया और यह कहा गया कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्वीकृत राशि वापस चली जाएगी। हितग्राहियों के अनुसार, सरपंच एवं सचिव के कहने पर उन्होंने अपने-अपने बैंक खातों से ₹40-40 हजार की पहली किस्त की राशि निकाली।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच–सचिव ने हितग्राहियों को यह आश्वासन दिया कि राशि उन्हें सौंप दी जाए, वे स्वयं आवास का निर्माण करवा देंगे। भरोसा कर हितग्राहियों ने पूरी राशि सरपंच एवं सचिव को सौंप दी। इसके बाद कुछ मात्रा में सीमेंट, बालू एवं ईंट कार्यस्थल पर डलवाकर आंशिक निर्माण कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में कार्य बंद कर दिया गया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि बची हुई निर्माण सामग्री को भी

सरपंच–सचिव द्वारा उठाकर अपने पास ले जाया गया। इसके पश्चात हितग्राहियों से यह कह दिया गया कि वे अपने स्तर पर अधूरे मकान का निर्माण करा लें, पंचायत द्वारा अब कोई कार्य नहीं कराया जाएगा।
आवास निर्माण अधूरा रह जाने से हितग्राहियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। न तो उनके मकान पूरे हो पाए हैं और न ही उन्हें योजना की अगली किस्त की राशि मिल पा रही है। गरीब एवं विशेष जनजाति वर्ग से आने वाले इन हितग्राहियों के लिए स्वयं निर्माण कर पाना आर्थिक रूप से संभव नहीं है।


पीड़ितों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा ग्राम पंचायत बधिमा के सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना में संभावित भ्रष्टाचार की ओर गंभीर संकेत करता है। अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित हितग्राहियों को न्याय कब तक मिल पाता है।

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