अध्ययन भ्रमण दल ने पहले दिन गुजरात में अमूल दुग्ध डेयरी का किया अवलोकन..

बलरामपुर — ग्रामीण विकास को नई दिशा देने तथा तकनीकी-आधारित विकास मॉडल को समझने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का दल गुजरात के अध्ययन भ्रमण पर रवाना हुआ है। यह पांच दिवसीय अध्ययन भ्रमण 30 जनवरी से 3 फरवरी तक प्रस्तावित है।
अध्ययन भ्रमण के दौरान दल द्वारा गुजरात राज्य में ग्रामीण विकास, तकनीकी प्रगति तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों का गहन अध्ययन किया जा रहा है। इस क्रम में दल द्वारा अमूल दुग्ध डेयरी, बायोगैस संयंत्र, टिकाऊ कृषि पद्धतियों के साथ-साथ BISAG (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान) तथा कृषि क्षेत्र में GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) के उपयोग का अवलोकन किया जाएगा।
अध्ययन भ्रमण के पहले दिन दल ने गुजरात स्थित अमूल दुग्ध डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान अमूल के आधुनिक एवं पूर्णतः ऑटोमेटिक प्लांट की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा गया। निरीक्षण के दौरान दूध संग्रहण, शुद्धिकरण, पैकिंग एवं वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली गई।
जनपद पंचायत राजपुर के उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमूल डेयरी एक यूनियन के रूप में कार्य करती है, जिसका कोई एकल मालिक नहीं है। यह संस्था देश के 108 से अधिक स्थानों पर कार्यरत है। गुजरात स्थित अमूल का यह पहला ऑटोमेटिक प्लांट है, जहां किसानों से प्राप्त दूध को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रसंस्करण कर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
उन्होंने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने अमूल संस्था के इतिहास, सहकारी मॉडल एवं इसकी सफलता के कारणों को भी जाना। यह संस्था न केवल एक ब्रांड के रूप में विश्व-विख्यात है, बल्कि इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
अध्ययन भ्रमण दल में जनपद पंचायत राजपुर से अध्यक्ष विनय भगत एवं उपाध्यक्ष आकाश अग्रवाल, शंकरगढ़ जनपद से अध्यक्ष चिंतामणि भगत, वाड्रफनगर जनपद से अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते एवं उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, तथा कुसमी जनपद से उपाध्यक्ष अशोक सोनी शामिल हैं।




