
देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) की 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए यह इंतजार खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें 21वीं किस्त समय से पहले ही दे दी है। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान को देखते हुए, किसानों को राहत देने के लिए यह किस्त जल्दी भेज दी गई। इतना ही नहीं, मोदी सरकार ने 11 अक्टूबर को किसानों को एक और बड़ा तोहफा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹42,000 करोड़ से अधिक की कई परियोजनाओं और योजनाओं का शुभारंभ किया।
पीएम किसान की 21वीं किस्त: इन राज्यों को मिला एडवांस लाभ
हाल की प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
- जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के किसान लाभान्वित हुए हैं।
- इन राज्यों को अपनी 21वीं किस्त निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त हो गई है।
- यह फैसला भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए लिया गया है।
- यह समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
₹42,000 करोड़ का खजाना: कृषि उत्पादन को बढ़ावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू कीं।
1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
- यह योजना कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और संसाधनों पर केंद्रित है।
- किसानों को बेहतर बीज, खाद और सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
2. दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री मिशन
- भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- इस मिशन से दलहन की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
- किसानों को दलहन उत्पादन के लिए विशेष प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी।
संयुक्त खर्च और लाभ
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन मिशन का संयुक्त खर्च लगभग 35,440 करोड़ रुपये है।
- इन परियोजनाओं की कुल लागत 42,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
- इससे निश्चित रूप से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- कृषि क्षेत्र में आधुनिकता और स्थिरता आएगी।
यह सरकारी पहल किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।




