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Solar Eclipse 2025: इस दिन लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल और नियम

Solar Eclipse 2025: क्या है यह खगोलीय घटना?

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। इससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाता है। वैज्ञानिक रूप से यह एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसका बहुत महत्व है। इस घटना को शुभ नहीं माना जाता है। 2025 में भी एक महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इसका ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व है।

सूर्य ग्रहण का समय और सूतक काल

साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह भारत में दिखाई देगा। ग्रहण का समय सुबह 06:19 बजे से शुरू होगा। यह सुबह 07:22 बजे तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। सूतक काल 20 सितंबर की शाम 06:19 बजे से शुरू होगा। यह ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। सूतक काल के दौरान कई काम वर्जित माने गए हैं।


सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?

  • पूजा-पाठ: ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए। यह शुभ माना जाता है।
  • ध्यान: ग्रहण के समय ध्यान करना अच्छा होता है।
  • दान: ग्रहण के बाद दान करना चाहिए। इससे शुभ फल मिलता है।
  • स्नान: ग्रहण के बाद स्नान करना जरूरी है।
  • तुलसी का प्रयोग: खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें। इससे खाना शुद्ध रहेगा।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?

  • खाना-पीना: सूतक काल में खाना-पीना वर्जित है।
  • खाना बनाना: ग्रहण के दौरान खाना नहीं बनाना चाहिए।
  • सोना: सूतक काल में सोना नहीं चाहिए।
  • बाल और नाखून काटना: इस समय यह काम नहीं करना चाहिए।
  • शृंगार: ग्रहण के दौरान श्रृंगार से बचना चाहिए।
  • मूर्तियों का स्पर्श: मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। मूर्तियों को छूना नहीं चाहिए।
  • यात्रा: इस समय यात्रा करने से बचें।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास नियम

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। वे तेज धार वाली वस्तुओं का इस्तेमाल न करें। यह बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्हें ग्रहण के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, हम किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करते। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें।

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