बलरामपुर में जघन्य Crime: मासूम की बलि देने वाला शैतान गिरफ्तार!

अंधविश्वास की भेंट चढ़ा मासूम जीवन, बलरामपुर में रूह कंपा देने वाला Crime: 3 साल के बच्चे की बलि देने वाला गिरफ्तार!
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक दहला देने वाली खबर है। सामरीपाठ थाना पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा है। उसने अपने बच्चे की बीमारी के अंधविश्वास में यह Crime किया। एक 3 साल के नाबालिग बच्चे की बलि दी गई। यह हैवान पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
मिठाई के बहाने ले जाकर की निर्मम हत्या
मामले का विवरण कुछ इस प्रकार है। प्रार्थी बीरेंद्र नगेसिया ने 6 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई। उनकी पत्नी और बच्चे महुआ फूल उठाने जंगल गए थे। 1 अप्रैल 2024 को उनका 3 वर्षीय बेटा अजय नगेसिया लापता हो गया। बच्चा डेरा के पास खेल रहा था। अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया।
सामरीपाठ पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। अपराध क्रमांक 13/2024 धारा 363, 302, 201 भादवि के तहत बना। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देशन में जांच हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी ने भी मार्गदर्शन दिया। गुमशुदा बच्चे की लगातार तलाश की जा रही थी। यह एक दुखद Crime का मामला था।
आरोपी राजू कोरवा ने कबूला अपराध
जांच के दौरान आरोपी राजू कोरवा का नाम सामने आया। राजू कोरवा 40 वर्ष का है और कटईडीह का निवासी है। पुलिस को जानकारी मिली कि राजू तंत्र-मंत्र बोलता है। उसने बड़े पूजा की बात कही थी। पुलिस ने राजू को तलब कर पूछताछ की। वह बार-बार बयान बदल रहा था। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।
ग्रामीणों से मिले सुराग के बाद पुलिस ने सख्ती बरती। राजू कोरवा ने आखिरकार अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसका बड़ा लड़का मिर्गी से पीड़ित था। वह मानसिक रूप से कमजोर भी था। राजू ने सोचा कि नरबलि से बेटा ठीक हो जाएगा। यह अंधविश्वास ही इस Crime का कारण बना।
कैसे दिया जघन्य वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन 1 अप्रैल 2024 को अजय नगेसिया अकेला दिखा। राजू उसे मिठाई-बिस्कुट देने के बहाने घर ले गया। उसने लोहे की छुरी से बच्चे का गला रेत दिया। धड़ को बोरे में डालकर नाले में जला दिया। सिर को 3 दिन तक घर में छिपाए रखा। जब परिजन बच्चे को खोजने लगे, तो सिर को दफना दिया। उसे कपड़े में लपेटकर करीब 2 फीट नीचे गाड़ा था। पुलिस ने शव उत्खनन कर खोपड़ी के अवशेष बरामद किए। घटना में इस्तेमाल छुरी भी राजू के घर से मिली।
राजू कोरवा को 16 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। निरीक्षक विजय प्रताप सिंह और उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा। इस टीम में स.उ.नि. आनन्द मसीह तिर्की, प्र. आर. संजय साहू, आर. आदित्य कुजुर, आर. संतोष यादव शामिल थे। आर. अमित लकड़ा और आर. ओमकार रजक भी सक्रिय रहे।




