
MS Dhoni: भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान, महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपने फैंस को हैरान कर दिया है। कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी अब DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) सर्टिफाइड ड्रोन पायलट बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि चेन्नई में गरुड़ एयरोस्पेस के डिफेंस स्टार्टअप में हासिल की है। क्रिकेट के बाद धोनी का यह नया पैशन उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
धोनी का ड्रोन पायलट बनने का सफर
धोनी हमेशा कुछ नया सीखने के लिए जाने जाते हैं।
- गरुड़ एयरोस्पेस से ट्रेनिंग: धोनी ने गरुड़ एयरोस्पेस में ड्रोन चलाने का सर्टिफिकेट कोर्स पूरा किया है। यह कंपनी धोनी की पसंदीदा स्टार्टअप में से एक है।
- DGCA सर्टिफिकेशन: DGCA भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस जारी करता है। धोनी ने कठोर ट्रेनिंग के बाद यह सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है।
- धोनी का निवेश: एमएस धोनी गरुड़ एयरोस्पेस के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उन्होंने कंपनी में निवेश भी किया है।
- कृषि में ड्रोन का उपयोग: धोनी के फार्म में ड्रोन का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए किया जा रहा है। इससे फसलों की निगरानी आसान हो जाती है।
यह कदम धोनी के तकनीकी रुचि को दर्शाता है।
गरुड़ एयरोस्पेस और धोनी का विजन
गरुड़ एयरोस्पेस एक भारतीय ड्रोन स्टार्टअप है जो कई क्षेत्रों में काम करता है।
- स्टार्टअप का विस्तार: गरुड़ एयरोस्पेस रक्षा, कृषि, शहर की निगरानी जैसे कई क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग करता है।
- धोनी का विजन: धोनी का मानना है कि ड्रोन तकनीक भारत के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह कृषि और अन्य उद्योगों को बदल सकता है।
- युवाओं के लिए प्रेरणा: धोनी का यह कदम कई युवाओं को ड्रोन तकनीक में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
- तकनीकी उन्नति: भारत में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। धोनी जैसे बड़े नामों का जुड़ना इस क्षेत्र को और मजबूत करेगा।
माही हमेशा नए क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।




