बिजनेस न्यूज़: सेबी ने विदेशी निवेशकों को दी बड़ी राहत
हाल ही में बाजार नियामक सेबी ने एक बड़ा फैसला लिया है। सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाया है। इसका उद्देश्य देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना है। अब विदेशी निवेशकों को पंजीकरण और निवेश में आसानी होगी। इस पहल से भारतीय शेयर बाजार में और अधिक पूंजी आने की उम्मीद है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा संकेत है।
‘स्वागत एफआई’ क्या है?
सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए ‘स्वागत एफआई’ नामक एक नया ढांचा पेश किया है। ‘स्वागत एफआई’ का मतलब भरोसेमंद, स्वचालित और सामान्यीकृत पहुंच है। यह एक एकल खिड़की व्यवस्था है। यह बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत को खत्म करेगी। इससे निवेश की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी। सेबी के अध्यक्ष ने बताया कि यह ढांचा कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए फायदेमंद होगा। यह सरकारी स्वामित्व वाले कोषों को भी सुविधा देगा।
पंजीकरण की वैधता और अन्य नियम
सेबी ने पंजीकरण की वैधता अवधि भी बढ़ा दी है। यह अब 3 से 5 साल की जगह 10 साल कर दी गई है। यह एक बड़ा कदम है जो निवेशकों को लंबे समय तक सुविधा देगा। सभी निवेशकों के लिए एक डीमैट खाता रखने का विकल्प भी दिया गया है। इससे निवेश का प्रबंधन आसान हो जाएगा। सेबी ने IPO से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव किए हैं। यह नए नियम आने वाले समय में बाजार में पारदर्शिता लाएंगे।
नए नियमों का महत्व
- इन नए नियमों से भारत में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा।
- इससे भारतीय कंपनियों को भी पूंजी जुटाने में आसानी होगी।
- सेबी का यह कदम शेयर बाजार को अधिक आकर्षक बनाएगा।
- इससे भारत एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में उभरेगा।
- अनुमान है कि 70% से ज्यादा परिसंपत्तियां ‘स्वागत एफआई’ के तहत होंगी।
- सेबी को इन नियमों को पूरी तरह से लागू करने में 6 महीने लगेंगे।
- यह बदलाव भारतीय बाजार को मजबूत करेगा।



