
रायपुर दशहरा 2025: मुख्यमंत्री साय उत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित दशहरा उत्सव में भाग लिया। वे रावणभांठा और शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान वहाँ भव्य आतिशबाजी देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। साय ने कहा कि विजयदशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं भी दी।
सत्य की जीत और छत्तीसगढ़ का विशेष नाता
मुख्यमंत्री साय ने सत्य की शक्ति पर जोर दिया।
- संदेश: उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।
- छत्तीसगढ़: साय ने बताया कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता है।
- मायका: छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका है।
- भांजा राम: इस कारण हम राम को भांचा राम कहते हैं।
- परंपरा: इसलिए यहां भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है।
यह परंपरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दर्शाती है।

वनवास काल और रावण पर प्रभु श्रीराम की जीत
मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के वनवास काल को याद किया।
- कठिनाइयां: वनवास काल में राम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं।
- युद्ध: रावण से युद्ध के समय राम के पास विशाल सेना नहीं थी।
- सेना: राम ने वानर सेना के साथ रावण को परास्त किया।
- सिद्ध: यह सिद्ध करता है कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है।
इस कथा से हमें साहस की प्रेरणा मिलती है।
अंदर के रावण को खत्म करने का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने लोगों से बुराइयों को त्यागने का आह्वान किया।
- बुराइयां: उन्होंने कहा, हमें अपने अंदर के रावण रूपी बुराइयों को खत्म करना चाहिए।
- छह दोष: ये बुराइयां हैं काम, क्रोध, अहंकार, लोभ, मोह और माया।
- शुभकामनाएं: उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
यह पर्व हमें आत्मनिरीक्षण का मौका देता है।
दशहरा 2025 उत्सव का 150 साल पुराना इतिहास
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उत्सव के इतिहास पर बात की।
- इतिहास: उन्होंने कहा यहां दशहरा मनाने की परंपरा 150 साल पुरानी है।
- आशीर्वाद: प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है।
- उपस्थिति: विधायक सुनील सोनी और महापौर मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
- अन्य नेता: संजय श्रीवास्तव और राजीव अग्रवाल जैसे नेता भी उपस्थित थे।
यह उत्सव रायपुर की एक पुरानी पहचान है।




